M.P. NEWS - सही मायने में खिलाड़ी "छू रहे हैं आसमाँ
ROHIT SHARMA :- मध्यप्रदेश में खेल अकादमियाँ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके जीवन कौशल को विकसित करने में भी अहम रोल अदा कर रही हैं। ये अकादमियाँ युवाओं के मानसिक और शारीरिक विकास को बेमिसाल स्तर तक पहुँचकर प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में मददगार साबित हो रही हैं। खेलों के क्षेत्र में वर्ष 2006 में शुरू की गई उत्कृष्ट खेल अकादमियों की स्थापना की शुरूआत हुई। आज यहाँ राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच के कारण 17 खेल अकादमियाँ संचालित हैं।
ग्वालियर में जुलाई-2006 में महिला हॉकी अकादमी की स्थापना की गई। इसी वर्ष अगस्त माह में भोपाल में भारतीय नौसेना और यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के सहयोग से नेशनल सेलिंग स्कूल की स्थापना की गई। जुलाई-2007 में पुरुष हॉकी अकादमी, शूटिंग, घुड़सवारी, वॉटर स्पोर्ट्स, जिसमें कैनोइंग-क्याकिंग, रोइंग, सेलिंग शामिल हैं, मार्शल आर्ट अकादमी, जूडो, कराते, ताइक्वांडो, वूशू, कुश्ती, बॉक्सिंग, फैंसिंग अकादमी की भोपाल में स्थापना की गई। इसी क्रम में ग्वालियर में जुलाई-2009 में पुरुष क्रिकेट अकादमी स्थापित की गई। अक्टूबर-2013 में जबलपुर में तीरंदाजी अकादमी शुरू की गई और जुलाई-2016 में तैराकी अकादमी, होशंगाबाद और एथलेटिक्स अकादमी की शुरूआत भोपाल में की गई।
अकादमियों के 615 खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों में सहभागिता कर 311 अंतर्राष्ट्रीय पदक हासिल किये हैं। खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिये प्रदेश में खिलाड़ियों को अधिक से अधिक मौके और श्रेष्ठ अधोसंरचनाएँ उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। खेल अकादमियों में खिलाड़ी अपनी क्षमताओं को उच्चतम सीमा तक ले जाना सीखते हैं, ताकि वे शारीरिक और मानसिक स्तर पर अतुलनीय सीमा तक पहुँच सकें। इन उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्रों और आधुनिक अधोसंरचनाओं के सहयोग से खिलाड़ी अपने खेल में श्रेष्ठता हासिल करने में कामयाब हो रहे हैं।
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