M.P. - राजकुमारी ने आजीविका मिशन को आर्थिक से निकालकर सामाजिक सरोकार से जोड़ा

ROHIT SHARMA :- शहडोल जिले की राजकुमारी केवट ने आजीविका मिशन को आर्थिक गतिविधियों से निकालकर सामाजिक सरोकार से जोड़ा है। राजकुमारी को भारत सरकार के पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में आयोजित 'काफ्रेंस ऑफ नेशनल अवार्ड ऑन बेस्ट परफार्मिंग एस.एच.जी.' में पुरस्कृत किया है।#####
राजकुमारी केवट पति से अलग होने के बाद 2013 में आजीविका मिशन से जुड़ी। चार बच्चों की जिम्मेदारी उठाना एक कठिन कार्य था लेकिन आज वे मिशन से जुड़कर अपने साथ सैकड़ों महिलाओं की तकदीर बदलने का काम कर रही है। राजकुमारी ग्राम जमुई में 30 और सागर, टीकमगढ़, राजगढ़, बड़वानी, उमरिया में 230 स्व-सहायता समूह गठित कर चुकी हैं। राजकुमारी महिलाओं की आर्थिक आत्म-निर्भरता के साथ समाज और परिवार में सम्मान और अधिकारों के संरक्षण का काम भी कर रही है।
गाँव की सोनिया बैगा को पति द्वारा प्रताड़ित करने और दूसरा विवाह कर लेने पर राजकुमारी ने कानूनी लड़ाई से उसका अधिकार और परिवार वापस दिलवाया।
राजकुमारी द्वारा प्राकृतिक आपदा या परिवारिक समस्याओं का सामना करने के लिए गाँव में ' एक मुट्ठी चावल और सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहायता' अभियान चलाया। गंगा समूह की कुसुम लोधी की बेटी की दुर्घटना में मृत्यु होने पर सभी समूह सदस्यों से एक-एक मुट्ठी चावल, 10 रुपये प्रति सदस्य इकट्ठा कर कुसुम को 1700 रुपये ओर 50 किलोग्राम चावल की तत्काल मदद की।
गौरी समूह की सदस्य लक्ष्मी लोधी की 12वीं कक्षा में पढ़ रही बेटी कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर समूह से 15 हजार की राशि िबना ब्याज के उपलब्ध करवाई। पचहत्तर लोधी के मानसिक रोगी बेटे की मृत्यु पर 15 हजार बिना ब्याज के उपलब्ध करवाए।
राजकुमारी की पहल पर की गई यह गतिविधियाँ स्व-सहायता समूह की मूल भावना को साकार बनाने का सही प्रयास है। राजकुमारी और उनका समूह अब मास्टर ट्रेनर माने जाते हैं। प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण के लिए बुलाए जाते हैं। समूह द्वारा मछली पालन, डेयरी पालन, सब्जी उत्पादन, सेनेटरी पेड मार्केटिंग जैसे कार्य बहुतायत में किए जा रहे हैं। उनकी आय ढ़ाई लाख सालाना से अधिक हो गई है।

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