M.P.- मध्यप्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में हुई 207 प्रतिशत वृद्धि

ROHIT SHARMA :- मध्यप्रदेश में किसानों की आय 5 वर्ष में दोगुनी करने के मकसद से रोडमैप बनाया गया है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली-पालन, वानिकी, सिंचाई विस्तार, रेशम, कुटीर और ग्रामोद्योग आदि विभाग द्वारा रोडमैप पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिला-स्तर का रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है और ग्राम-स्तर का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।
प्रदेश में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दिये जाने से वर्ष 2016-17 में कृषि उत्पादन 5.44 करोड़ मीट्रिक टन हो गया। खाद्यान्न उत्पादन में 207 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वर्ष 2004-05 में कुल खाद्यान्‍न उत्पादन मात्र 1.43 करोड़ मीट्रिक टन हुआ करता था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 4.39 करोड़ मीट्रिक टन हो गया।
प्रदेश में दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिये किसानों को विशेष सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गईं हैं, जिसके फलस्वरूप पिछले एक दशक में दलहन उत्पादन में 136 प्रतिशत तक की उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश में वर्ष 2004-05 में दलहन फसलों का उत्पादन मात्र 33.51 लाख मीट्रिक टन हुआ करता था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 79.23 लाख मीट्रिक टन हो गया। मध्यप्रदेश में तिलहन फसलों के उत्पादन में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। प्रदेश में वर्ष 2004-05 में तिलहन फसलों का उत्पादन मात्र 49.08 लाख मीट्रिक टन हुआ करता था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 87.35 लाख मीट्रिक टन हो गया। यह वृद्धि 78 प्रतिशत है।
प्रदेश में पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र के रकबे में 57 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में मध्यप्रदेश में कृषि का रकबा 2.49 लाख हेक्टेयर हो गया है। मध्यप्रदेश की पिछले 4 वर्षों की औसत कृषि विकास दर 18 प्रतिशत से अधिक रही है। यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। इन सभी वजहों से मध्यप्रदेश को कृषि उत्पादन के क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों से लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार भी मिल रहा है।

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